Why the Apple Growing Farmers of Himachal-Pradesh are unhappy? Himachal_Pradesh ke Kisano ki Narazagi||

The-Apple-Farm-of-Himachal-Pradesh. पिछले वर्ष सरकार द्वारा जारी किये कृषि कानूनों के कारण किसानो को होने वाले संभवित अन्याय के बारे में किसानो और उनके नेता राकेश टिकैत ने जो आशंका जताई थी वह सच होती दिखाई रही है। किसानो को डर है की वे अपनी उपज़ के उचित दामों के लिए बड़े उद्योगपतियों पे आधारित हो जाएंगे, और वे किसानो का शोषण कर सकते है। राकेश टिकैत का दावा हिमाचल प्रदेश के किसानो के लिए सच होता दिखाई रहा है। हिमाचल प्रदेश स्थित अडानी की एग्री फ्रेश कंपनी ने #सेब के जो दर जाहिर किये है उससे किसान नाराज़ है।पिछले साल की तुलना में इस बार प्रति किलो के हिसाब से 16 रुपये कम कीमत लगाईं गई है। सेब की खरीदारी 26 अगस्त से शुरू होगी। कंपनी ८० से 100 प्रतिशत रंग वाले एकदम बड़े सेब का रु. 52/- (गत वर्ष का भाव रु. 68/- ) प्रति किलो और बड़े, मध्यम तथा छोटे सेब के रु. 72/- (गत वर्ष का भाव रु. 88/- ) प्रति किलो का भाव देगी। 60 से 80 फीसदी रंग वाला एकदम बड़े सेब की रु. 37/- प्रति किलो तथा बड़े, मध्यम, और छोटे कद के सेब की रु. 57/- प्रति किलो का भाव डिटडिया जाएगा। 60 फीसदी से कम रंग वाले सेब...